ADVERTISEMENT

Saccha Dharm Kaun Sa Hai (सच्चा धर्म कौन सा है )

ADVERTISEMENT


सच्चा धर्म कौन सा है: भारत में अक्सर लोग धर्म के नाम पर झगड़ा करते है। भारत के लोग अक्सर दूसरे धर्मों को गलत बताते हैं और केवल अपने धर्म को ही सही मानते हैं। परंतु क्या लोग यह जानते हैं कि saccha dharm kaun sa hai? भारत में रह रहे करोड़ों लोग ऐसे हैं जिन्हें सच्चे धर्म का ज्ञान नहीं है।

तो चलिए आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि saccha dharm kaun sa hai? साथ ही हम भारत के अन्य धर्मों की भी बात करेंगे। कई लोग जानना चाहते हैं कि आखिर यह सच्चा धर्म है क्या? यदि आप भी सच्चे धर्म के बारे में जानना चाहते हैं तो हमारे इस लेख को पूरा जरूर पढ़े।

ADVERTISEMENT

सच्चा धर्म कौन सा है? (saccha dharm kaun sa hai)

सबसे सच्चा धर्म इंसानियत और नैतिकता का धर्म होता है। श्री रामकृष्ण परमहंस कहते हैं कि जो “मनुष्य की विकार रहित आत्माओं को ईश्वरत्त्व में परिणित कर देता है और जीव के चिर आनंद में विलीन हो जाने का मार्ग बताता है वही सच्चा धर्म है।”

जो भी व्यक्ति नीचे दिए गए गुणों का पालन करता है उसका धर्म सच्चा धर्म कहलाता है। यदि आप भी नीचे दिए गए गुणों का पालन करते हो तो आप मान सकते हैं कि आपका ही धर्म सच्चा धर्म है।

ADVERTISEMENT

  1. सच्चा धर्म वह होता है जो हमें अपना अपकार करने वालों का भी उपकार करना सिखाता है। सच्चा धर्म हमेशा लोगों को क्षमा करने का भाव सिखाता है।
  1. सच्चा धर्म हमें पांचों विकारों से दूर रहने के लिए करता है और यह पांच विकार काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार है।
  1. सच्चा धर्म हमें चोरी, अपराध, हत्या जैसी नहीं सिखाता है।
  1. सच्चा धर्म सभी लोगों के साथ मिलकर रहना सिखाता है और भाईचारे एवं समानता को बढ़ावा देता है। सच्चा धर्म यह नहीं कहता कि आप अन्य धर्मों को बुरा कहे।
  1. सच्चा धर्म हमें लोगों की मदद करना सिखाता है और दूसरों के हित के बारे में सोचने के लिए कहता है। सच्चे धर्म से हम सीखते हैं कि हमें ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए जिससे अन्य व्यक्ति को किसी परेशानियों का सामना करना पड़े।
  1. सच्चे धर्म से एक व्यक्ति गरीब एवं असहाय की मदद करना सीखता है। सच्चा धर्म हमें कहता है कि हमें किसी भी गरीब एवं भूखे व्यक्ति को खाना जरूर खिलाना चाहिए।
  1. सच्चा धर्म हमें सत्य के गुणों का पालन करना सिखाता है। सच्चे धर्म से मनुष्य सीखता है कि हमें हमेशा सत्य का सहारा लेना चाहिए। क्योंकि झूठ बोलकर किया गया काम बाद में दुख पहुंचाता है।
  1. सच्चा धर्म हमें यथार्थ ज्ञान लेने की शिक्षा देता है। इसका अर्थ है कि यदि हमें सही ज्ञान लेना है तो हमें अन्य व्यक्तियों से तर्क वितर्क करना होगा परंतु ऐसा तर्क वितर्क ना हो जिसके माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति को दुख पहुंचे।
  1. सच्चा धर्म मनुष्य के भीतर एवं बाहर की पवित्रता को बनाए रखना सिखाता है। इसका अर्थ यह है कि हमें भीतर एवं बाहर से एक जैसा ही आचरण रखना चाहिए।
  1. सच्चा धर्म हमें धैर्य रखना सिखाता है और बतलाता है कि किसी भी काम को शांति एवं धैर्य पूर्वक करना चाहिए क्योंकि जल्दी का काम शैतान का होता है। इसके साथ ही यदि हमने किसी भी कार्य में हाथ लगाया है तो उस काम से लाभ कमाने के लिए थोड़ा धैर्य रखना आवश्यक है।
  1. सच्चा धर्म किसी भी व्यक्ति का अपमान करना नहीं सिखाता है चाहे वह महिला हो या पुरुष। सच्चा धर्म कहता है कि हमें किसी भी व्यक्ति चाहे वह मोटा हो, पतला हो, नाटा हो, लंबा हो, काला हो, गोरा हो इत्यादि का सम्मान करना चाहिए। कभी भी किसी भी व्यक्ति में भेदभाव नहीं करना चाहिए।
  1. सच्चा धर्म अहिंसा को बढ़ावा देता है। और कहता है कि किसी भी परेशानी को किसी भी व्यक्ति के साथ बात करके सुलझाया जा सकता है।
  1. सच्चा धर्म हमें व्यक्ति के साथ साथ पक्षियों एवं जानवरों का भी सम्मान करना सिखाता है। और सिखाता है कि हमें जानवरों के भी दुख को समझना चाहिए। इसके लिए हम हर रोज अपने घर में पक्षियों के लिए दाना और पानी रख सकते हैं।
  1. सच्ची धर्म के अनुसार हमें किसी भी कार्य को लाभ प्राप्त करने के लिए नहीं करना चाहिए यदि हम किसी की मदद कर रहे हैं तो बिना किसी लाभ या मोह की चिंता किए उनकी मदद करें।

धर्म किसे कहते हैं? (What is Religion)

धर्म किसी एक विशेष विचार धारा का समूह है। किसी भी धर्म में एक विशेष सांस्कृतिक, विश्वास, विश्व दृष्टि, भविष्यवाणियां, रहस्य और नैतिकता शामिल होती है। धर्म में उपदेश, अनुष्ठान, प्रार्थना, ध्यान, पवित्र स्थान, प्रतीक, देवता सहित और भी कई प्रथाएं शामिल होती हैं।

ADVERTISEMENT

जो भी व्यक्ति किसी एक विशेष विचारधारा पर चलता है तो उसे उसी धर्म का माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति किसी एक धर्म को अपनाता है तो उसके लिए आवश्यक है कि वह अपने मानने वाले धर्म के सभी नियमों का पालन करें और उसकी विचारधारा को अपनाएं।

धर्म कितने प्रकार के होते हैं? (Types of Religion)

ऐसे कई अलग-अलग प्रकार के धर्म है जिनमें कुछ विशेष धार्मिक परंपराएं शामिल है और उन्हें व्यापक रूप से जाना भी जाता है। कई धर्म ऐसे हैं जो केवल एक ही ईश्वर पर विश्वास करते हैं और कई धर्म ऐसे हैं जो कई देवताओं में विश्वास करते हैं। धर्म के कुछ प्रकार इस तरह है -:

ADVERTISEMENT

  • बुद्ध धर्म
  • ईसाई धर्म
  • हिंदू धर्म
  • इस्लाम धर्म
  • जैन धर्म
  • यहूदी धर्म
  • सिख धर्म इत्यादि

दुनिया का सबसे पहला धर्म कौन सा है? (Which is first religion of world)

दुनिया का सबसे पहला धर्म हिंदू धर्म को माना जाता है। क्योंकि इसके अनुयाई पूरे विश्व में सबसे अधिक हैं। ऐसा कहा जाता है कि हिंदू धर्म की उत्पत्ति मानव की उत्पत्ति से भी पहले हुई थी। कई विद्वान ऐसा मानते हैं कि हिंदू धर्म ही भारत की सभी संस्कृतियों एवं परंपराओं का मिश्रण है और इसका कोई संस्थापक नहीं है।

सच्चा धर्म किसे कहते हैं? (what is True Religion)

सच्चा धर्म वह कहलाता है जो संस्कृति को तो अपनाता है परंतु उसकी कोई एक विशेष संस्कृति नहीं होती। सच्चे धर्म की पहचान यह है कि वह पांचों विकारों काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार से वंचित हो। तथा वह अपने धर्म का पालन करते हुए मूल नैतिकता जैसे धैर्य चोरी ना करना, यथार्थ ज्ञान लेना, हमेशा सत्य का आचरण करना, क्षमा का भाव रखना इत्यादि चीजों का पालन करता हो।

ADVERTISEMENT

वेदों में कहा गया है कि धार्यति इति धर्म: अर्थात जो जो गुण मानव ग्रहण करने के योग्य हैं वही धर्म कहे जाते हैं। और लगभग सभी धर्मों में यह कहा जाता है कि सत्य ही धर्म है यानी जो व्यक्ति सत्य बोलता है वही सच्चे धर्म को अपनाता है।

भारत में किस धर्म की कितनी आबादी रहती है? (What is the population of which religion in India?)

भारत में सबसे अधिक दो धर्मों की आबादी है जो हिंदू और इस्लाम धर्म है। और यह जानकारी हमें 2011 की जनगणना द्वारा पता चलता है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल आबादी 121 करोड़ है। और धर्म के आधार पर 2011 की जनगणना के अनुसार हिंदू धर्म की आबादी 89.8 प्रतिशत है और इस्लाम धर्म की आबादी 15.23% है।

ADVERTISEMENT

इसके बाद बौद्ध धर्म को मानने वाले कुल 0.70% लोग हैं। और 2.3% ईसाई धर्म को मानने वाले लोग भारत में रहते हैं। इसके बाद 1.7 2% लोग भारत में सिख धर्म को मानते हैं।

सच्चे धर्म की स्थापना कैसे हुई? (How to establish true Religion?)

सच्चे धर्म की स्थापना आत्मा से हुई है। सच्चे धर्म को ही मानवता का धर्म कहा जाता है। सच्चा धर्म सभी के हृदय से निकलने वाला धर्म है। अक्सर जब हम वह भी अच्छा कार्य करते हैं।

ADVERTISEMENT

तो हमें हृदय एवं आत्मा से खुशी मिलती है और इसके विपरीत यदि हम बुरा कर्म करते हैं तो हमें दुख होता है क्योंकि सच्चा धर्म हमें कभी भी बुरा कर्म करना नहीं सिखाता।

इसलिए यह कहा जा सकता है कि सच्चे धर्म की स्थापना हृदय एवं आत्मा से हुई है। सच्चा धर्म है किसी एक इंसान को दूसरे इंसान से जोड़ने में मदद करता है।

ADVERTISEMENT

FAQ

प्रश्न – दुनिया में सबसे तेजी से फैलने वाला धर्म कौन सा है?

उत्तर – दुनिया में लगभग सभी धर्म जैसे- हिंदू, मुस्लिम, सिख एवं ईसाई  तेजी से फैल रहे हैं।

प्रश्न – हिंदू धर्म कितने नंबर पर आता है?

उत्तर – हिंदू धर्म दुनिया में तीसरे नंबर पर आता है।

ADVERTISEMENT

प्रश्न – धरती पर कितने धर्म है?

उत्तर – धरती पर लगभग 300 से भी ज्यादा धर्म है। परंतु मुख्य रूप से 7 धर्म ही धरती पर सबसे लोकप्रिय हैं जो कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, यहूदी है।

प्रश्न – दुनिया का सबसे महान धर्म कौन सा है?

उत्तर – दुनिया का सबसे महान धर्म हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई है। क्योंकि इन धर्मों को दुनिया का सबसे पुराना धर्म माना जाता है।

ADVERTISEMENT

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस लेख मे हमने आपको बताया की दुनिया का saccha dharm kaun sa hai? उम्मीद है की आपको सच्चे धर्म से संबन्धित जानकारी मिल पायी होगी। यदि आज का यह लेख आपको पसंद आया हो तो आप इसे अन्य दोस्तों के साथ भी अवश्य साझा करें।


ADVERTISEMENT