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गोदान किसकी रचना है?(Godan Kiski Rachna Hai) 1936 में प्रकाशित Godan किसकी रचना है ?

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गोदान किसकी रचना है (Godan Kiski Rachna Hai) – नमस्कार दोस्तों आप का मेरे ब्लॉग में स्वागत है आप यदि गोदान उपन्यास के बारे में जानना चाहते है तो आपको मेरे इस पोस्ट में गोदान से सम्बंधित सभी तरह की जानकारी प्राप्त हो जाएगी जैसे की “गोदान किसकी रचना है” और गोदान उपन्यास किसके बारे में है और गोदान कब प्रकाशित हुआ था यह सभी निन्मलिखित जानकारी आपको मेरे इस ब्लॉग से जानने को मिलेगी।

गोदान किसकी रचना है ? (Godan Kiski Rachna Hai)

गोदान उपन्यास मुंशी प्रेमचंद की रचना है गोदान उपन्यास को सन 1936 में प्रकाशित किया गया था और यह उस समय काफी लोकप्रिय उपन्यास में से एक था।

मुख्यतः गोदान में मुंशी प्रेमचंद जी के द्वारा जो भारत के ग्रामीण क्षेत्र में किसी समुदाय या फिर समाज वर्ग को जितनी समस्याओ का सामना करना पड़ता है के बारे में बताया गया है और मुंशी प्रेमचंद जी के द्वारा इसे अच्छी तरह से गोदान में व्याख्या की गई जिसे पढ़ने से आपको भारत के ग्रामीण क्षेत्र के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त होती है।

godan kiski rachna hai
गोदान किसकी रचना है (Godan Kiski Rachna Hai)

गोदान उपन्यास के कौन कौन से पात्र है

गोदान में कुल 16 पात्र होते है और सभी पात्रों के बारे में विस्तार से जानकरी दी हुई है आपको गोदान उपन्यास को एक बार जरूर पढ़ना चाहिए गोदान में बताये गए सभी पात्र को विस्तार से मैंने नीचे बताया हुआ है।

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  • होरी (कहानी का मुख्य पात्र)
  • धनिया (होरी की पत्नी) 
  • गोबर होरी और धनिया का पुत्र 
  • सोना और रूपा (पुत्रिया होरी धनिया की)
  • झुनिया (गोबर की पत्नी )
  • हिरा (होरी का भाई )
  • पुनिया (हिरा की पत्नी )
  • रायसाहब
  • दातादीन 
  • मातादीन (दातादीन का पुत्र )
  • साहूकार महाजन 
  • मालती 
  • मेहता 
  • झिंगुरसिंह 
  • रामसेवक 
  • सिलिया (चमारिन )

गोदान कैसा उपन्यास है?

मुंशी प्रेमचंद जी द्वारा रचित गोदान उपन्यास एक दोहरा कठनात्मक उपन्यास हैं।

गोदान उपन्यास का सारांश क्या है?

गोदान उपन्यास के अनुसार मुंशीप्रेचन्द जी ने ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले किसानो के बारे में विस्तार से बताया हुआ है और इस कृति की रचना से मुंशी प्रेमचन्द जी ने एक किसान के जीवन में होने वाली सभी घण्टानो जैसे की प्रेम क्रोध लोभ लालच इत्यादि के बारे बखूबी विस्तार से बताया है। इसी के साथ ग्रामीण क्षेत्र में जीवन व्यतीत करने वाले व्यक्तियों के शुरू से लेकर अंतिम तक जीवन के महत्व पूर्ण भागो को शामिल किया है

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आज आपने सीखा

आज आपको मरे इस लेख में “गोदान किसकी रचना है” के बारे में जानकारी प्राप्त हो गई होगी और मुझे उम्मीद है की आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी काफी पसंद आयी होगी और यदि आप हमारे इस पोस्ट के बारे में किसी तरह का सुझाव या फिर फीडबैक देना चाहते है तब आप हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते है।

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2 thoughts on “गोदान किसकी रचना है?(Godan Kiski Rachna Hai) 1936 में प्रकाशित Godan किसकी रचना है ?”

  1. गोदान मुंशी प्रेमचंद की रचना है, मुझे मुंशी प्रेमचंद के द्वारा लिखी पूस की रात की कहानी बहुत अच्छी लगती है।

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