अनुपमा और अनुज की शादी में मेहंदी का प्रोग्राम चल रहा है वही उनके लिए बैंगनी कलर के कपडे भी तैयार हो रहे है अब ऐसे में काव्य इन्हे अपने हाथो से मेहंदी भी लगाएगी

और नद राखी से यह भी पूछती है की आखिर उसके हाथो में मेहंदी लग पायेगी या नहीं जबकि राखी केवल यहाँ पर मज़े लेने ही आयी है  

पाखी ने कहा आपका ड्रेस बहुत अच्छा लग रहा है क्युकी वह दुल्हन की माँ जो है। फिर हसमुख से भी पूछते है तुमने दवाई ली या नहीं 

हसमुख ने कहा की वह खुद को भूल जायेगा पर दवाओं को नहीं और यह भी पूछता है की मेडिकल रिपोर्ट सही है या नहीं।  

अनुज और अनुपमा दोनों एक दम चुप हो जाते है और वही वनराज को देखकर जलन होती है वह अनुज से बात करने की कोशिस करता है जब तक अनुज चला जाता है                             

और यहाँ अनुपमा और अनुज की एंट्री की बड़ी तारीफ करते है। अनुपमा किंजल को देखती है। पर तोषु का कहना है की किंजल की तबियत ठीक नहीं है वह उसे आराम देगा।

और बाद में देविका भी उनके साथ जाएगी ऐसा देविका कहती है वही अनुज और अनुपमा के लिए मेहंदी भी तैयार है यह सुनकर अनुपमा की आँखों में आंसू आ जाते है। 

वही डोली कहती है अब रश्मि शुरू करो पाखी उसे मेहंदी तैयार करने में मदद करती है और यह कहती है की उसे भी साथ में लेकर चले। इधर अनुज वनराज को घूरता है लीला सरे गिफ्ट की जांच में लग जाती है 

लीला उसे डरने के लिए डाटती है और गुस्से होने के बावजूद प्रोग्राम में क्यों शामिल नहीं हो रही है। लीला उससे बहस करती है और वह से चली जाती है 

काव्या सोचती है कि बेहतर रंग के लिए वह अपनी मेहंदी पर नीलगिरी का तेल लगाएगी। अनुपमा उसके पास जाती है और उसके विवाह समारोह में शामिल होने के लिए उसका धन्यवाद करती है।

काव्या कहती है कि ईमानदार होने के लिए वह इसे अपने लिए कर रही है क्योंकि वनराज से शादी करने के बाद उसका व्यक्तित्व बदल गया है,